डाउन सिंड्रोम के बावजूद वो बनीं कामयाबी की मिसाल

- Author, राहुल रनसुभे
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
- प्रकाशित
डाउन सिंड्रोम से पीड़ित अदिति वर्मा नवी मुंबई में सफ़लतापूर्वक एक कैफ़े चला रही हैं. उनके कैफ़े में हमेशा युवाओं की भीड़ लगी रहती है.
उनका यह साहसी कदम आज उनके जैसे स्पेशल चाइल्ड के लिए प्रेरणा बन गया है.
अदिति का कैफ़े नवी मुंबई में बेलापुर के भूमि मॉल में है. मॉल की तीसरी मंज़िल पर स्थित कैफ़े 'अदिति कॉर्नर' इस इलाके में खासा लोकप्रिय है.

जन्म से ही डाउन सिंड्रोम से पीड़ित
अदिति अपने जन्म के बाद से ही डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं. स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर बैठी अदिति ऊब रही थीं. तो उन्होंने अपने माता-पिता के साथ उनके दफ़्तर जाना शुरू किया. वो ऑफ़िस में एकाउंट्स देखती थीं.
लेकिन उन्हें यह बिल्कुल भी रोमांचक नहीं लगा और एक बार फ़िर वो ऊबने लगीं.

कैसे आया आइडिया?
वहां ऑफ़िस में एक लड़का चाय दिया करता था.
अदिति को लगा कि वो भी चाय बना कर वहां के स्टाफ़ को दे सकती हैं.
उन्होंने अपने माता-पिता से इसको लेकर बात की.
उन्होंने सोचा कि यह बेहतर होगा कि वो अदिति को एक कैफ़े शुरू करने में मदद करें.

डेढ़ साल पहले शुरू किया कैफ़े
अदिति के पिता अमित वर्मा कहते हैं, "हमने कभी उसे स्पेशल चाइल्ड माना ही नहीं."
इसके बाद ही 1 जनवरी 2016 को अदिति के इस कैफ़े का उद्घाटन हुआ.
शुरू-शुरू में उन्हें इस बात का यकीन नहीं था कि अदिति इसका प्रबंधन खुद कर सकेगी.

अदिति ने साबित कर दिखाया
लेकिन अदिति ने अपनी कड़ी मेहनत और उत्साह से खुद को साबित कर दिखाया.
डेढ़ साल के भीतर अदिति ने कैफ़े की पूरी ज़िम्मेदारी खुद संभाल ली.
उनकी मां रीना वर्मा कहती हैं, "अदिति को खाना बनाने का शौक है. जब भी घर पर कोई आयोजन होता तो अदिति खुद ही खाना बनाने के लिए आगे आतीं. वो मांसाहारी खाना पसंद करती हैं. इसलिए वो नॉन वेज ही बनाना पसंद भी करती हैं. कैफ़े डेढ़ साल पहले शुरू हुआ और इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. अदिति का मनोबल भी इससे बढ़ गया है."

फ़ाइव स्टार खोलने की चाहत
आज अदिति ग्राहकों को खाना परोसने से लेकर कैफ़े का अकाउंट संभालने तक अपने सभी काम खुद ही संभालती हैं.
अदिति भविष्य में खुद का फ़ाइव स्टार होटल शुरू करना चाहती हैं.
वो कहती हैं, "फ़ाइव स्टार होटल से मेरी जो भी कमाई होगी उसे अपने जैसे बच्चों की भलाई के लिए उपयोग करना चाहूंगी."


























