कश्मीर- हिरासत में उमर जिम में बिजी तो महबूबा किताब में- प्रेस रिव्यू

महबूबा और उमर अब्दुल्लाह

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'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एहतियातन हिरासत में लिए गए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जमकर कसरत कर रहे हैं.

वहीं महबूबा मुफ़्ती किताबों के साथ ख़ूब वक़्त बिता रही हैं. उमर हॉलीवुड फ़िल्में भी ख़ूब देख रहे हैं. उन्हें हरि निवास पैलेस में रखा गया है. वहीं महबूबा जम्मू-कश्मीर पर्यटन विकास कार्पोरेशन की चश्मे शाही हट में अपना एकांतवास बिता रही हैं. उन्हें यहां घूमने फिरने की आज़ादी है.

अयोध्याः लटक रहा है उमा भारती और आडवाणी के ख़िलाफ़ दर्ज मामला

लाल कृष्ण आडवाणी

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'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बाबरी मस्जिद विध्वंस का आपराधिक मुक़दमा अदलात में लटक रहा है. इसमें भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती भी अभियुक्त हैं.

ये मुक़दमा लखनऊ की अदालत में चल रहा है जहां सुनवाई करने वाले जज पहले से ही काम के बोझ में दबे हैं. सबूत पुराने पड़ रहे हैं. चश्मदीद या तो मर चुके हैं या बीमार हैं.

भारत के सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद स्थल के मालिकाना हक़ के मुक़दमे की रोज़ाना सुनवाई चल रही है. इस मुक़दमे पर देश और दुनिया की नज़रे हैं.

वहीं बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई लखनऊ की विशेष अदालत में चल रही है. अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ ये सुनवाई एक कम रोशनी के कमरे में हो रही है जहां ना मीडिया पहुंच रहा है ना ही कोई ओर.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी

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पाकिस्तान का कश्मीर सेल

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वह कश्मीर के मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का प्रयास जारी रखेगा. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरेशी ने कहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में एक कश्मीर सेल का गठन किया जाएगा और पाकिस्तान के दुनिया भर के दूतावासों में कश्मीर डेस्क बनाई जाएंगी ताकि इस मुद्दे पर प्रभावी जनसंचार किया जा सके.

पाकिस्तान ने ये दावा भी किया है कि इस्लामी देशों के संगठन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसकी मांगों पर सकारात्मक रवैया अपनाया है.

ऑटोमोबिल सेक्टर में मंदी

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमोबिल सेक्टर में मंदी की वजह से सहायक कंपनियों में नौकरियां कम रह गई हैं और मज़दूर और कर्मचारी ज़्यादा हो गए हैं.

अख़बार ने झारखंड के जमशेदपुर शहर से रिपोर्ट प्रकाशित की है जहां टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के बड़े कारखाने हैं. शहर के इमली चौक से ठेकेदार मज़दूर लेने आते हैं. आजकल यहां मज़दूर ज़्यादा हैं और मांग कम है. लेकिन तीन महीने पहले ऐसी स्थिति नहीं थी. यहां मज़दूरी तलाशने आए लोगों में वो मज़दूर भी शामिल हैं जो अब तक ऑटोमोबाइल उद्योग की सहायक कंपनियों में कार्यरत थे.

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