कहां चले गए कानों की मैल निकालने वाले?
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एक वक़्त पर ढाका के इस बस स्टॉप पर 10 से 15 ऐसे लोग होते थे जो कान की सफ़ाई करते थे लेकिन आज सिर्फ़ मोहम्मद ही हैं. इनमें से ज़्यादातर लोग अब दूसरे कामों में लग गए हैं.
एक वक़्त पर ढाका के इस बस स्टॉप पर 10 से 15 ऐसे लोग होते थे जो कान की सफ़ाई करते थे लेकिन आज सिर्फ़ मोहम्मद ही हैं. इनमें से ज़्यादातर लोग अब दूसरे कामों में लग गए हैं.