सोशल: गिरिराज का हमला, 'केजरीवाल जैसी मौज तो मुग़लों ने भी नहीं की'

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, AFP

प्रकाशित

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विवादों में हैं. मानहानि के मुकदमे को लेकर अदालत में उनकी लड़ाई केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से चल रही है.

और इस मुकदमे में उनकी पैरवी कर रहे हैं वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी. पैरवी के लिए जो फ़ीस वो ले रहे हैं, उसके भुगतान को लेकर बवाल मचा हुआ है.

भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल अपनी पैरवी के भुगतान के पैसे सरकारी ख़ज़ाने से दे रहे हैं जो आम आदमी का पैसा है.

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, Twitter

केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा ने एक नोट सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसके बाद विवाद गहरा गया.

भाजपा के नेता गिरिराज सिंह ने इस नोट को शेयर करते हुए टि्वटर पर लिखा, ''कमाल का आदमी है ये तो. दिल्ली में, दिल्ली की जनता के पैसे पर इतनी मौज तो शायद मुग़लों ने भी नहीं की होगी. सब मिलके केजरीवाल को प्रणाम कीजिए.''

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, Twitter

उप राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के विधि विभाग को चिट्ठी लिखी है. इसमें ये सवाल किया गया है कि क्या आम आदमी पार्टी की सरकार, वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी का बिल सरकारी ख़ज़ाने से चुका सकती है.

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की तरफ़ से दाख़िल मानहानि के मुकदमे में जेठमलानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बचाव कर रहे हैं.

इस नोट से ये ज़ाहिर होता है कि जेठमलानी के ऑफ़िस ने रीटेनर फ़ीस के रूप में 1 करोड़ रुपए और 22 लाख रुपए प्रति पेशी मांगे हैं.

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, Twitter

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, Twitter

नोट के मुताबिक दिसंबर 2016 में डिप्टी मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर ये सुनिश्चित करने को कहा कि जेठमलानी का भुगतान कर दिया जाए.

इसमें लिखा है, ''दूसरे पक्ष के पास कई सारे वक़ील हैं, ऐसे में ये ज़रूरी हो जाता है कि मुख्यमंत्री की नुमाइंदगी कोई वरिष्ठ वक़ील करें. इसलिए, इस मामले में राम जेठमलानी की नियुक्ति मंजूर की जाती है.''

आगे लिखा है, ''इस फ़ाइल को मंजूरी के लिए उप राज्यपाल के पास भेजने की ज़रूरत नहीं है.''

अरविंद केजरीवाल, मानहानि, अरुण जेटली

इमेज स्रोत, PTI

दूसरी ओर राम जेठमलानी का कहना है कि अगर केजरीवाल उनकी फ़ीस नहीं चुका सकते तो वो मुफ़्त में भी उनका मुक़दमा लड़ सकते हैं.

जेठमलानी ने समाचार एजेंसी एएनआई से, ''अगर सरकार या वो भुगतान नहीं कर सकते तो मैं मुफ़्त में उनका मुक़दमा लड़ सकता हूं. मैं उन्हें ग़रीब क्लाइंट मानकर केस लड़ूंगा.''

उन्होंने कहा, ''सभी जानते हैं कि मैं सिर्फ़ अमीर लोगों से पैसा लेता हूं और ग़रीबों के केस फ़्री लड़ता हूं. और मेरे क्लाइंट में 90 फ़ीसदी ग़रीब है.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)